मोहक मुस्कान सौंदर्य की बढ़ाए शान

beautiful smile

मनमोहक मुस्कान दांतों की चमचमाती सफेदी पर निर्भर करती है। दांतों की नियमित सफाई से दांत तो सुन्दर होंगे ही, सांस भी महकी-महकी होगी। दांतों की चमक बरकरार रखने के लिए दिन में 2 बार ब्रश अवश्य करें। सुबह उठते ही सब से पहले ब्रश करें, न कि बेड टी लेने के बाद। रात को भी सोने से पहले ब्रश करें। खाना खाने के बाद अच्छी तरह कुल्ला करें ताकि दांतों में कोई अन्नकण न फंसा रह जाए। भोजन के बाद अन्नकणों को माचिस की तीली या आलपिन से न निकालें। इस से मसूढ़ों में इनफेक्शन हो सकता है। इस के लिए टूथपिक का इस्तेमाल करें। डेंटल फ्लास इस कार्य के लिए सब से उपयुक्त है। फ्लास को अंगूठे व उंगली के बीच लूप बना कर फंसा ले, फिर दांतों के बीच घुमाएं, इस से फंसे हुए अन्नकण बाहर आ जाएंगे।

टूथब्रश का चयन सोच-समझ कर करें। टूथब्रश ऐसा होना चाहिए, जिस से दांतों व मसूढ़ों की समुचित सफाई हो। दांतों की प्रकृति के अनुसार उचित टूथब्रश का प्रयोग किया जाए तो मसूढ़ों के कई रोगों से बचा जा सकता है। टूथब्रश लंबे हैंडल एवं आगे से छोटे ब्रिस्ल वाला होना चाहिए ताकि पीछे तक आसानी से सफाई हो सके। टूथब्रश खरीदते समय उस के दांतों एवं बनावट पर विशेष ध्यान दें। टूथब्रश के ब्रिस्ल 3 प्रकार के होते हैं, सख्त, मध्यम व नरम। टूथब्रश का चयन मसूढ़ों की प्रकृति की दृष्टिगत रखते हुए करें।

जहां बच्चों के लिए नरम ब्रिस्ल उपयुक्त रहता है, वहीं युवाओं के लिए सख्त ब्रिस्ल और प्रौढ़ों के लिए नरम या मध्यम।

कोणीय (एंग्यूलर) ब्रश से दांतों के भीतर के मसूढ़ों की सफाई सहज व सही ढंग से की जा सकती है।

ब्रश खरीदते समय यह भी देखें कि उस के सभी ब्रिस्ल ऊपरी सतह पर समान तथा गोलाई लिए हुए हैं या नहीं। सस्ते ब्रश में ब्रिस्ल नुकीले होते हैं, जिस से मसूढ़ों को क्षति पहुंचती है।

3-4 महीने बाद ब्रश बदल दें पुराना होने पर ब्रश की सफाई करने की क्षमता कम हो जाती है। उस के ब्रिस्ल घिस जाते हैं, जिस के कारण समुचित सफाई नहीं हो पाती व ज्यादा जोर से रगड़ने पर दांत ही घिसने लगते हैं।

इंडीकेटर ब्रश

ज्यादातर लोगों को शिकायत रहती है कि ब्रश के खराब हो जाने का पता कैसे चले। इस के लिए इंडीकेटर ब्रिस्ल भी बाजार में उपलब्ध हैं। इन में चारों तरफ सफेद ब्रिस्ल व बीच में नीले रंग के ब्रिस्ल होते हैं। जब ब्रश को इस्तेमाल में लाते हैं तो धीरे-धीरे 3-4 महीने में यह नीला रंग उड़ने लगता है। जब नीले ब्रिस्ल आधे सफेद हो जाएं तब ब्रश बदल लेना चाहिए।

ऐसे ही आधुनिक किस्म के टूथब्रश भी बाजार में उपलब्ध हैं जो बैटरी से संचालित होते हैं बटन दबाने पर ब्रश स्वयं ही मुंह में ऊपर नीचे घूमते हैं और दांतों व मसूढ़ों की सफाई हो जाती है।

अक्सर देखने में आता है कि पति-पत्नी, छोटे बच्चे ब्रश उपलब्ध न होने पर इधर-उधर हो जाने पर एक-दूसरे के ब्रश का उपयोग कर लेते हैं। यह स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहद गलत आदत है। ब्रश न करने से जो हानि होती है, उस से अधिक दूसरे का ब्रश इस्तेमाल करने से होती है। अतः भूल कर भी किसी दूसरे का ब्रश इस्तेमाल न करें।

ब्रश करते समय ऊपर के दांत साफ करने के लिए ब्रश के ब्रिस्ल ऊपर के मसूढ़ों पर रखें, फिर नीचे की ओर साफ करें। इसी तरह नीचे के दांतों की सफाई के लिए ब्रश के ब्रिस्ल नीचे के मसूढ़ों पर रखें व ऊपर की ओर साफ करें। इससे फंसे हुए अन्नकण निकल जाएंगे।

विश्व में सब से ज्यादा भारत में मुख कैंसर होता है। इस के मुख्य कारण हैं धूम्रपान, पान मसाला, पान, सुपारी, जर्दा, खैनी, शराब तथा इसके अलावा ज्यादा तला, चटपटा व मिर्चयुक्त भोजन आदि करना।

विश्व में 100 में से 40 लोगों को जो कैंसर होता है, वह मुख का कैंसर होता है। इन सबके सेवन से दंत क्षय के साथ-साथ मसूढ़ों की बीमारी भी हो जाती है।

दंत क्षय से बचने व दांतों में ठंडा, गरम, मीठा इत्यादि के लगने पर मेडिकेटेड टूथपेस्ट का इस्तेमाल करें। बार-बार पेस्ट न बदलें। इससे भी दांतों व मसूड़ों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। ब्रश को समय-समय पर बदलते रहें।

जीभ की देखभाल

दांतों व मसूढ़ों के साथ-साथ जीभ की भी नियमित सफाई जरूरी है। जीभी से नियमित रूप से जीभ की सफाई अवश्य करें। जिस तरह परिवार के प्रत्येक सदस्य का अलग-अलग टूथब्रश होता है, उसी तरह से सभी की जीभी भी अलग-अलग रखें ताकि किसी भी तरह के संक्रमण से बचा जा सके।

अगर मुंह से बदबू आती है तो माउथवाश से कुल्ला करें। यदि दांत रोगाणुयुक्त होंगे तो खाद्य पदार्थ के चबाने पर उस के साथ दांतों की गंदगी तथा रोगोत्पादक जीवाणु शरीर में पहुंच कर बीमारियां उत्पन्न करेंगे। अतः दांतों का पूर्णतया स्वस्थ व स्वच्छ होना निहायत जरूरी है। दांतों के अभाव में स्वादिष्ट भोजन भी बेस्वाद लगता है।

3 से 6 महीने में एक बार दांतों को दंत चिकित्सक से अवश्य चेकअप कराएं ताकि किसी बीमारी के होने पर समय पर इलाज कराया जा सके। साथ ही आपकी मधुर व मनमोहक मुस्कान भी बरकरार रहे।

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