हाथों और पैरों के सौंदर्य

manicure and pedicure

पैडीक्योर/मैनीक्योर

आज महिलाएं सौंदर्य के प्रति जागरूक हो गई हैं पर अक्सर यह जागरूकता चेहरे को सजाने-संवारने तक ही सीमित हो जाती है। चेहरे से नजरें फिसल कर हाथों तथा पैरों पर ही जाती हैं। इन्हें छुपाने की नौबत न आए इसके लिए हमें हाथों और पैरों की देखभाल भी नियमित रूप से करनी चाहिए। साथ ही सप्ताह में एक बार मैनीक्योर तथा पैडीक्योर भी अवश्य करना चाहिए। सुन्दर-स्वच्छ हाथ-पैर आपके पूरे व्यक्तित्व को प्रभावशाली बनाते हैं। यहाँ पर हमें ब्यूटी पार्लर की संचालिका हाथों तथा पैरों की देखभाल के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी दे रही हैं तथा मैनीक्योर तथा पैडीक्योर की विधि बता रही हैं।

मैनीक्योर

हाथों की सुन्दरता अच्छे चरित्र का चित्रण करती है। हम किसी भी क्षेत्र में हों, घर में हों या बाहर, हाथों से ही सबसे ज्यादा काम लेते हैं, इसलिए इनकी नियमित रूप से देखभाल करना भी अत्यन्त आवश्यक है। हस्तसौंदर्य के लिए तीन मुख्य बातें जरूरी हैं-हाथों की त्वचा कोमल हो, उंगलियों का आकार सुन्दर हो तथा नाखून तहजीब से संवरे हों।

धूल, मिट्टी तथा पानी सबसे अधिक हमारी त्वचा को नुकसान पहुंचाते हैं; सब्जी काटना, कपड़े धोना, घर की सफाई तथा बागवानी आदि कामों को तो नहीं टाला जा सकता पर हाथों की सुरक्षा के लिए ऐसे काम करते समय रबड़ के दस्ताने अवश्य पहन लें। इसके अलावा सफाई तथा रसोईघर का कार्य समाप्त करने के पश्चात् साबुन के झाग में हाथों को थोड़ी देर डुबाएं एवं फिर पानी से धोकर पोंछ लें।

हाथों के सौंदर्य को बनाए रखने के लिए हफ्ते में एक बार ‘मैनीक्योर’ आवश्यक है।

एक टब में हल्का गुनगुना पानी लें। इसमें शैम्पू डालकर झाग बना लें। पांच मिनट तक दोनों हाथों को डुबो कर रखें। यदि नाखूनों पर नेल पालिश लगी हो तो उसे पहले ही रिमूवर से उतार लें। मुलायम ब्रश से नाखूनों के आसपास रगड़े। टूथब्रश का भी इस्तेमाल कर सकती हैं। हाथ बाहर निकाल कर तौलिए से पोंछकर सुखा लें। क्यूटीकल प्रेशर से सतर्कता के साथ क्यूटीकल्स को पीछे करें। नाखूनों के ऊपर उभर आई मृत त्वचा को सावधानी के साथ काट दें। अब हेड-क्रीम से अंगुलियों, हाथों तथा बाहों पर कुछ देर तक मसाज करें। रुई से क्रीम को साफ कर लें। आवश्यकता हो तो नेल केटर से नाखून काट लें। नेलफाइलर द्वारा नाखूनों को आकार दें। जिससे वह अर्धचन्द्राकार सुन्दर दिखता है।

नेल-फाइलिंग एक ही दिशा में करनी चाहिए। उल्टी दिशा में करने से नाखूनों के सिरे खुरदरे हो जाते हैं। फाइलिंग करते समय यदि नाखून गर्म गें तो रुक कर देर रोपर ऑयल में डूबो देना चाहिए। इससे नाखून नर्म रहेंगे। ऑयल पोंछ कर फिर फाइलिंग करना चाहिए। अब पुनः साबुन के पानी में हाथों को डुबो कर पोंछ लें।

मैनीक्योर के बाद नेल पालिश लगाएं। नाखूनों पर से चिकनाई एकदम साफ कर लें। हाथ को मेज पर कुहनी के सहारे टिका दें। उंगलियों को फैला लें। शीशी को अच्छी तरह हिला लें। ब्रश द्वारा नाखूनों की जड़ से सिरे की ओर धीरे-धीरे लगाएं। पहले किनारों पर पॉलिश लगानी चाहिए फिर बीच में भर लें। इससे पॉलिश फैलेगी नहीं। लगभग पांच मिनट बाद, सूखने पर दूसरा कोट लगाएं। इससे रंग में चमक आयेगी। शीशी बार-बार न हिलाएं इससे उसमें बुलबुले आ जाते हैं और यह नाखूनों पर ठीक से जम नही पाती, कुछ समय बाद ही पपड़ी सी बनकर उखड़ने लगती है। घटिया नेलपॉलिश का प्रयोग कभी न करें। नाखूनों का आकार अपनी इच्छानुसार रखा जा सकता है। गोलाकर बनाने के लिए दोनों कोनों पर नेलपॉलिश न लगाएं।

हाथों की सुंदरता नाखूनों पर बहुत निर्भर करती है इनकी देखभाल भी अधिक करनी पड़ती है। नाखूनों को मुलायम तथा लचीला रखने के लिए रात को सोने से पहले उन पर क्यूटिक क्रीम मलिए। प्रतिदिन काम समाप्त करने बाद साबुन के झाग में हाथ डुबोकर नाखूनों को ब्रश से साफ करके क्रीम से मालिश करें।

हस्त-सौंदर्य के कुछ घरेलू उपाय इस प्रकार हैं-

  1. रात को सोने से पहले दूध की मलाई में थोड़ा सा नीबू, कुछ बूंदें ग्लिसरीन की मिलाकर हाथों पर मलें। कुछ देर बार रुई से पोछ लें।
  2.  हाथों पर बादाम रोगन से मालिश करने से त्वचा चमकदार होती है।
  3.  ग्लिसरीन में नींबू या खीरे का रस मिला कर रगड़ने से हाथों की त्वचा का रंग साफ होता है।

4. हाथों पर यदि काले निशान पड़ जाएं तो नींबू के छिलके को उस स्थान पर रगड़िए निशान मिट जाएंगे।

5.  खुरदरे हाथों के लिए हथेली पर नींबू का रस तथा एक चम्मच चीनी डाल लें। हथेलियों को परस्पर तब तक रगड़ें जब तक चीनी घुल न जाए। फिर गुनगुने पानी से हाथ धोकर पोंछ लें। इसके अलावा महीने में एक बार पूरी बाहों पर वैक्सिंग अवश्य करें।

पैडीक्योर

टब को आधा गुनगुने पानी से भर दें। इसमें चुटकी भर सोडा (खाने वाला), थोड़ा-सा शैम्पू तथा हाइड्रोजन पर आक्सॉइड की कुछ बूंदें मिला कर झाग बनाएं। नाखूनों से नेल पालिश रिमूवर द्वारा उतार लें। इस झाग में पांच मिनट तक पैरं डुबोकर बैठे। अब ट्यूमिक स्टोन द्वारा स्क्रबर से पैरों को साफ करें। एड़ियों को रगड़े। नाखूनों के किनारे टूथब्रश से साफ कर लें। पैर पानी से निकाल कर अच्छी तरह पोंछ लें। नाखूनों को नेल कटर से काट कर मनचाहा आकार दें। नेल फाइलर से घिस कर सिरे चिकने करें तथा आकार सही कर लें।

ऑरेन्ज स्टिक पर थोड़ी सी रुई लपेट कर नाखूनों के बीच फंसी मैल को भलीभांति निकाल लें। क्यूटीकल-रिमूवर से मृत-त्वचा को निकाल दें। नेल-पुशर से क्यूटीकल पीछे पुश करें। इन्हें काटें मत वरना संक्रमण होने का डर रहता है।

अब क्रीम लगाकर पैरों की मालिश करें। रुई से क्रीम पोंछ लें। नेलपॉलिश लगाने से पूर्व नाखूनों की चिकनाई ठीक से साफ कर लें। पैरों की उंगलियों में रुई के छोटे-छोटे टुकड़े रख लेने चाहिए इससे पॉलिश लगाने में आसानी होगी तथा उंगलियों में दूरी बन जाने के कारण सफाई से लग जाएगी। नेलपॉलिश का चुनाव त्वचा के रंग के अनुरूप होना चाहिए।

पैडीक्योर हफ्ते में एक बार अवश्य करना चाहिए। साथ ही रोज नहाते समय पैरों की नियमित सफाई करनी चाहिए। सोने से पहले पैरों को धोकर पोंछ लेना जरूरी है। पैडीक्योर करने से पैर सुन्दर तथा स्वच्छ तो लगते ही हैं, थकावट भी दूर होती है।

एड़ियों के उपचार हेतु कुछ अन्य सरल प्रयोग इस प्रकार हैं-

1. हरी मेंहदी के पत्ते पीसकर लेप करें।

2. मक्खन में लाहौरी नमक मिलाकर लगाएं।

3. कच्चे पपीते को पीसकर उसमें थोड़ी हल्दी व सरसों का तेल मिलाकर लगाएं।

4. मक्खन में कुछ मात्रा में पिसी हल्दी मिलाकर लेप करें।

5. बथुआ उबालकर पीस लें तथा एड़ियों पर लेप लगाएं।

6. पुराना देसी गुड़ व पिसी हल्दी मिलाकर लेप लगाएँ। उपरोक्त सभी लेप कम-से-कम दो घंटे लगा रहने          दें, फिर साफ कर लें।

7. एड़ियों के सामान्य खुरदुरेपन को मिटाने के लिए जैतून के तेल में थोड़ा लाहौरी नमक मिलाकर मालिश करना लाभप्रद रहता है |

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