बॉडी टोनिंग के लिए योगासन

Body Toning Yoga Exercises In Hindi.

टोन्ड बॉडी औट अट्रैक्टिव फिगर पाना भले ही थोड़ा मुश्किल लगता हो, लेकिन इन योगासनों को नियमित रूप से करें औट देखें अपने रूप को बदलते हुए |

नागासन

1. वज्रासन में बैठे |

2. पैरों की उंगलियों को बाहर की तरफ़ पॉइंट करते हुए घुटनों के बल खड़े हो जाएं | पैरों को एकदम सीधा रखें, ताकि शरीर स्थिर हो सके |

3. सांस अंदर लेते हुए व हथेलियों को बाहर की तरफ़ रखते हुए दोनों हाथों को सिर के ऊपर से उठाकर थोड़ा पीछे की ओर सिर के साथ-साथ स्ट्रेच करें | 20-30 सेकंड तक सांस रोकें, फिर छोड़ें |

सावधानी: अगर लोअर बैक पेन हो तो यह आसन न करें |

फ़ायदे: रीढ़, घुटनों, एड़ियों और कलाइयों को मज़बूत बनाता है | श्वास प्रक्रिया को बेहतर बनाता है | बॉडी पोश्चर को सही और संतुलित करता है |

पवनमुक्तासन

1. पीठ के बल यानी शवासन में सीधे लेट जाएं |

2. सांस छोड़े और घुटनों को मोड़कर सीने के पास ले आएं | हाथों से घुटनों को पकड़कर उन्हें सीने के और नज़दीक़ लाएं | अब सांस लेकर फिर सांस छोड़े | 30-60 सेकंड तक इसी अवस्था में रहें और दोबारा शवासन की अवस्था में आ जाएं |

3. अगर आपने नई-नई शुरुआत की है, तो इस आसन में सिर को थोड़ा-सा उठाएं और घुटनों को भी उठाकर माथे से छूने की कोशिश करें |

फ़ायदेः गैस की समस्या से राहत मिलती है | फेफड़ों की स्वस्थ रखने के साथ-साथ रीढ़, जांघों और हाथों को भी लचीला बनाता है |

त्रिकोणासन-1

1. पैरों के बीच में अंतर रखते हुए सीधे खड़े हो जाएं | लेकिन पैर समानांतर दिशा में हों |

2. दोनों हाथों की कंधे के समानांतर सीधा फैलाएं |

3. बाएं पैर पर ज़ोर डालते हुए कमान की तरह थोड़ा-सा झुकें |

4. झुकते समय हाथों और पैरों को मोड़ें नहीं | थोड़ी देर इसी अवस्था में रहें | दूसरी तरफ़ भी यही प्रक्रिया दोहराएं |

त्रिकोणासन-2

1. एक हाथ कमर पर और दूसरा जांघ की बगल में रखें |

2. जांघ पर रखा हुआ हाथ धीरे-धीरे नीचे की ओर ले जाते हुए सांस लें |

3. दूसरा हाथ कमर पर रखें |

4. शरीर को आगे-पीछे न झुकाएं और न ही घुटनों को मुड़ने दें |

5. हाथों की उंगलियों को टखने के पास ले जाने का प्रयास करें |

6. थोड़ी देर इसी अवस्था में सांस रोकें | पूर्व स्थिति में आते हुए सांस छोड़ें |

7. यही क्रिया दूसरी ओर भी दोहराएं |

सावधानी: रीढ़ की हड्डी में दर्द, हाई ब्लडप्रेशर, स्लिप डिस्क और दिल के मरीज़ यह आसन न करें |

फ़ायदेः पैरों और नितंब की मसल्स को मज़बूत बनाता है |

मार्जरासन

1. ज़मीन पर घुटनों को मोड़कर नितंबों के बल बैठ जाएं |

2. दोनों हथेलियों और घुटनों को ज़मीन पर रखते हुए कंधों के बल आगे की तरफ़ झुकें और पैरों के बीच में समान दूरी बनाकर पोज़ीशन लें |

3. सांस लें, स्पाइन (रीढ़) को सीधा रखें | स्पाइन (रीढ़) पर थोड़ा-सा खिंचाव महसूस होगा |

4. सिर को ऊपर की ओर उठाएं |

5. सांस छोड़ें | स्पाइन (रीढ़) में हल्कापन महसूस होगा |

6. सिर को धीरे-धीरे नीचे लाएं | हाथों को ज़मीन पर रखते हुए आगे की तरफ़ स्ट्रेच करें और सिर से ज़मीन को स्पर्श करें |

7. इसी क्रिया को 5-10 बार दोहराएं |

सावधानी: रीढ़, पिंडलियों, नितंब, कमर और घुटने के दर्द से परेशान लोग यह आसन न करें |

फायदे: लोअर स्पाइन, पिंडलियों, पैरों और जांघों को मज़बूत बनाता है |

वीरभद्रासन

1. पैरों के बीच में अंतर रखते हुए सीधे खड़े हो जाएं |

2. दोनों हाथों को कंधे के समानांतर सीधा फैलाएं |

3. बाएं पैर को बाहर की ओर निकाले और घुटने के बल खड़े होते हुए बाईं एड़ी पर ज़ोर दें |

4. शरीर व पैरों को मुड़ने न दें |

5. दाहिने पैर को सीधा रखें | थोड़ी देर सांस रोककर इसी अवस्था में रहें |

6. यही क्रिया दाहिने पैर से दोहराएं |

सावधानी: जिन लोगों को कमरदर्द, घुटने में दर्द हो, वे इस आसन को न करें |

फ़ायदेः पैरों, कंधों और नितंबों को मज़बूत बनाता है |

भुंजगासन  

1. पेट के बल लेट जाएं |

2. पैर सीधे और अंगूठे बाहर की ओर निकले हुए हों | हथेलियों को ज़मीन पर रखते हुए हाथों को छाती के दोनों ओर रखें |

3. हाथों के सहारे कमर के ऊपरी भाग को धीरे-धीरे उठाते हुए सांस लें |

4,थोड़ी देर इसी अवस्था में सांस रोकें | सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे पूर्व स्थिति में आएं |

सावधानी: उच्च रक्तचाप, हर्निया, दिल के मरीज़ यह आसन न करें |

फ़ायदेः यह आसन कब्ज़ को दूर करता है और पाचनशक्ति को बढ़ाता है | बॉडी को टोन करता है | सर्वाइकल, स्पॉन्डिलाइटिस व स्लिप डिस्क को दूर करने में सहायक होता है |

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