स्किन की नमी में समाया स्किन का सौंदर्य Winter Skin Care Tips For Dry Skin

Ayurvedic Skin Care In Hindi.

सर्दियों में त्वचा के Dry होने से वह बेरौनक और निर्जीव सी दिखने लगती है | Winter में त्वचा की खूबसूरती के लिए आइए जानते हैं कुछ महत्वपूर्ण सुझाव, जो आपको देंगे सर्दियों में खूबसूरत त्वचा |

शरीर में मौजूद पानी और पोषक तत्वों को शरीर के भीतर रोकने में हमारी त्वचा एक अहम भूमिका निभाती है | हालांकि बाहरी वातावरण के प्रति हमारी त्वचा बहुत संवेदनशील होती है और आमतौर पर यही माना जाता रहा है की सर्दी के मौसम की तुलना में गर्म और नमी भरे वातावरण में हमारी स्किन से ज्यादा पानी का Loss होता है | जबकि वास्तव में ऐसा है नहीं, क्योंकि ठंडे और सूखे मौसम में हमारी स्किन में मौजूद पानी की ज्यादा तेजी से हानि होती है | इस प्रक्रिया में Skin Cells में पानी का स्तर अलग-अलग बन जाता है |

स्किन में dryness होने से Cells अधिक मात्रा में Dead होती हैं 

सदियों में त्वचा से पानी के Loss के साथ – साथ स्किन के लगातार बदलने की प्रक्रिया भी चलती रहती है | इस प्रक्रिया में Skin Cells, जिन्हें Corneocytes कहा जाता है वह मृत हो जाती हैं और झगड़ती रहती हैं | पानी की छति के कारण इन कोशिकाओं के मृत होने की गति बढ़ जाती है, जिससे वे तेजी के साथ मृत होने लगती हैं लेकिन झड़ नहीं पाती | ऐसे में वे एक जगह पर जमने लगती है | शरीर के जिस हिस्से में जहां ऐसा होता है वहां की स्किन मोटी और बेरौनक बन जाती है | स्किन के ड्राई होने का यह आम लक्षण है | बेरौनक सूखी और निर्जीव सी दिखाई देने वाली त्वचा यदि ज्यादा देर तक अगर शुष्क  (Dry) रहे हो उस पर उम्र के निशान जल्दी उभरने लगते हैं, जिससे झुर्रियां दिखाई देने लगती हैं |

ब्यूटी एक्सपर्ट के अनुसार, त्वचा से नेचुरल मॉस्चराइजर खोने के कारण पानी बहुत तेजी के साथ स्किन से उड़ने लगता है | यह स्थिति आने पर त्वचा की कोशिकाओं का विकास नहीं हो पाता है और त्वचा पर डेड सेल्स तेजी से जमने लगती है | त्वचा की ऊपरी सतह पर कोई भी क्रीम लगाने से इस समय में फायदा किसलिए नहीं होता है क्योंकि त्वचा की भीतरी कोशिकाओं तक पानी की छति हो जाती है | यदि स्किन की भीतरी कोशिकाओं तक पानी पहुंचे तभी वह वहां की नमी को बनाकर कोशिकाओं को पुनर्जीवित कर पाने में सक्षम हो पाता है |

अगर विटामिन बी3, नियासिनामाइड, हाईएल्लूरोनिक एसिड और ग्लिसरीन युक्त माइश्चराइजर को त्वचा पर लगाया जाए तो वह त्वचा की हर परत में पानी के स्तर को सही कर की नमी को बनाए रखता है |

ज्यादातर महिलाएं गर्म पानी से नहाने के तुरंत बाद बाहर के ठंडे वातावरण के संपर्क में आ जाती है, जिससे ठंडी हवाओं के संपर्क में आने से स्किन पर बुरा असर पड़ता है | क्योंकि ठंडा और गर्म वातावरण बदलने से त्वचा के अंदर बारीक रक्त वाहिनियां फट जाती हैं, जिससे त्वचा की कोशिकाओं के क्षतिग्रस्त होने की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए त्वचा की नमी को बचाने के लिए नहाने के या मुह धोने के आधे घंटे बाद ही बाहर सर्द हवाओं में जाए | बाहर से अंदर जब आए तो ठंडे पानी से मुंह धोएं |

त्वचा की नमी को कैसे बनाये रखें

त्वचा की खूबसूरती बरकरार रखने के लिए केवल बाहरी उपाय ही नहीं भीतरी उपाय भी जरूरी हैं | डाइटिशियन एक्सपर्ट, इस संबंध में कहते हैं कि उचित खानपान से सर्दियों में त्वचा की चमक बरकरार रखी जा सकती है | इसमें पानी त्वचा के पोषण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है | सर्दियों में वैसे ही प्यास कम लगने के कारण पानी कम पिया जाता है, लेकिन त्वचा की खूबसूरती को ध्यान रखकर यदि सर्दियों में पानी उचित मात्रा में पिया जाए तो स्किन में पानी का स्तर बना रहता है |

इसके अलावा खाने में फल और सब्जियों को रोज लिए जाने से भी हमें अपनी शारीरिक प्रणाली के लिए जरूरत का पानी मिल जाता है, जिससे त्वचा में पानी का स्तर बना रहता है |

स्किन की कोशिकाओं (Cells) में उपस्थित लिपिक का संतुलन बनाए रखने के लिए भीगे हुए बादाम, वॉलनट, मिल्क, पनीर, और घी को भोजन में शामिल करना चाहिए | साथ ही सोते समय एक कप गर्म दूध में एक चौथाई छोटा चम्मच घी डालकर पीने से भी लिपिड का संतुलन बना रहता है | सर्दियों में विटामिन सी का प्राकृतिक स्रोत आंवला है | अतः अपनी डाइट में आंवले को जरूर शामिल करें |

एक प्रसिद्ध Aromatherapist का मानना है कि नहाने के पानी में जोजोबा एसेंशियल आयल और स्वीट Almond डायल की कुछ बूंदे मिलाकर रोज नहाने से त्वचा को उचित पोषण मिलता है | साथ ही नहाने से पहले तेल मालिश करने से भी फायदा मिलता है | मालिश के लिए बादाम तेल का उपयोग बेहतर विकल्प है | यदि आप इन उपायों को अपनाती है तो आप भी कोमल त्वचा मालकिन बन सकती हैं |

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